नागरिक सुरक्षा एवं मार्गदर्शन पोर्टल
आधिकारिक जन परामर्श

जन सूचना एवं बाढ़ सुरक्षा परामर्श

आम नागरिकों हेतु सरल भाषा में बाढ़ स्थिति, जनपद चेतावनी, जीवन रक्षा निर्देश एवं हेल्पलाइन।

बाढ़ चेतावनी: तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा

तटवर्ती निचले क्षेत्रों में नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर हैं। प्रशासन के निर्देशानुसार सुरक्षित ऊँचे स्थानों पर जाएँ।

अलर्ट पर जनपद
8
खतरे से ऊपर नदियाँ
8
24x7 राज्य आपातकालीन हेल्पलाइन

अपने जनपद की स्थिति देखें

अपने जनपद का चयन कर जानें कि आपके आस-पास नदियाँ सुरक्षित हैं, बढ़ रही हैं या खतरे के निशान से ऊपर हैं।

लखीमपुर जनपद

बाढ़ का खतरा / सावधान रहें

इस जनपद के कुछ हिस्सों में नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। निचले कछारी क्षेत्रों में जलभराव हो सकता है। प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

बाढ़ का खतरा / सावधान रहें
इस जनपद में निगरानी की जा रही नदियाँ (1)
शारदा
पलियाकलां
खतरे का स्तर
खतरे के निशान से 64 सेमी ऊपर!
बढ़ रहा है(154.92 m)

बाढ़ स्तरों का सरल अर्थ समझें

आधिकारिक गेज चेतावनियों का आपकी सुरक्षा और दैनिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।

सामान्य जलस्तर

सुरक्षित एवं सामान्य

जल नदी के प्राकृतिक किनारों के भीतर सामान्य रूप से बहता है। खेती, नौकागमन एवं दैनिक कार्य सुरक्षित रूप से चलते हैं।

चेतावनी स्तर

चेतावनी स्तर

नदी किनारों तक लबालब भर जाती है। निचले घाट, कछार व दियारा क्षेत्र डूबने लगते हैं। मवेशियों व आवश्यक सामग्री को सुरक्षित रखने की तैयारी करें।

खतरे का स्तर

खतरे का स्तर

पानी किनारों को तोड़कर गाँवों, खेतों व रास्तों में प्रवेश करने लगता है। निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है। प्रशासन के निर्देश पर तुरंत ऊँचे राहत शिविरों में जाएँ।

सर्वोच्च ऐतिहासिक बाढ़ स्तर

उच्चतम बाढ़ स्तर

उस नदी के इतिहास में अब तक दर्ज सबसे ऊँचा जलस्तर। अत्यधिक दुर्लभ एवं विनाशकारी बाढ़ स्थिति जिसमें पूर्ण आपातकालीन राहत सक्रिय होती है।

बाढ़ सुरक्षा मार्गदर्शिका: क्या करें और क्या न करें

उ.प्र. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा प्रमाणित जीवन-रक्षक उपाय।

क्या करें (सकारात्मक कदम)
  • टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, वाटरप्रूफ माचिस एवं आवश्यक दवाओं का एक आपातकालीन बैग तैयार रखें।
  • आधार कार्ड, राशन कार्ड, ज़मीन के कागज़ात व नकद रुपये वाटरप्रूफ प्लास्टिक की थैली में सुरक्षित रखें।
  • 3-4 दिनों के लिए साफ पीने का पानी बंद बर्तनों में रखें और सूखा खाद्य पदार्थ (चना, गुड़, सत्तू, बिस्कुट) सुरक्षित रखें।
  • मवेशियों को खूंटे से खोलकर ऊँचे सुरक्षित बंधों या सरकारी पशु आश्रय स्थलों पर पहुँचाएँ।
क्या न करें (बचने योग्य बातें)
  • ग्राम प्रधान, लाउडस्पीकर अथवा रेडियो द्वारा दी जा रही आधिकारिक चेतावनियों की अनदेखी न करें।
  • सक्रिय बाढ़ क्षेत्र या कछार में अनाधिकृत कच्चे आश्रय न बनाएँ।

आपातकालीन हेल्पलाइन एवं सहायता नंबर

बाढ़ बचाव, नाव, राहत सामग्री अथवा चिकित्सा सहायता हेतु 24x7 सरकारी नंबरों पर तुरंत संपर्क करें।

1070
उ.प्र. राज्य आपदा राहत
राज्य आपदा राहत एवं NDRF/SDRF तैनाती हेतु 24x7 निःशुल्क नंबर।
Collectorate Control कॉल करें
1077
जिला आपदा नियंत्रण केंद्र
स्थानीय कलेक्ट्रेट नियंत्रण कक्ष — नाव, राशन पैकेट एवं राहत शिविर सहायता।
Police Emergency कॉल करें
112
पुलिस एवं त्वरित सहायता
त्वरित सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं आपातकालीन परिवहन।
Ambulance Service कॉल करें
108
आपातकालीन एम्बुलेंस
चिकित्सा सहायता, सर्पदंश एंटी-वेनम एवं मरीज परिवहन।
UP Irrigation Dept कॉल करें
0522-2442468
सिंचाई विभाग बाढ़ नियंत्रण
नदी जलस्तर, बैराज गेट डिस्चार्ज एवं तटबंध निगरानी अधिकारी।
जलभराव या रिसाव की सूचना दें

क्या आपके गाँव में पानी बढ़ रहा है या तटबंध में दरार दिखी?

स्थान, गाँव का नाम अथवा फोटो के साथ सीधे ड्यूटी इंजीनियरों को सूचित करें। प्रत्येक सूचना दर्ज की जाती है।

बाढ़ घटना / बंधे में रिसाव की सूचना देंतकनीकी इंजीनियर डैशबोर्ड देखें